भैंसों का परिवहन कर रहे तहसीन उर्फ गुड्डू, चांद मियां और सद्दाम की 7 जून 2024 को आरंग के पास हुई घटना के बाद मृत्यु हुई। परिवारों ने निशाना बनाकर भीड़ के हमले का आरोप लगाया और पुलिस के इस विवरण को चुनौती दी कि पीछा किए जाने पर वे पुल से कूदे थे। पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया।

19 नवंबर 2024 को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अलग विशेष जांच दल की परिवारों की मांग ठुकरा दी। अदालत को उस चरण पर धर्म के आधार पर भीड़ द्वारा हत्या के दावे का पर्याप्त समर्थन नहीं मिला और उसने कहा कि आरोपी पहले ही मुकदमे का सामना कर रहे थे।

अदालत ने साक्ष्य के प्रश्न आपराधिक कार्यवाही के लिए छोड़े, जिनमें अतिरिक्त आरोपियों पर कार्रवाई का आधार बनने वाली सामग्री भी शामिल है। एसआईटी का आदेश देने से इनकार पांच आरोपियों को बरी करना नहीं था। यह रिपोर्ट विवादित विवरण और उस तारीख के प्रक्रियात्मक फैसले को दर्ज करती है, आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण नहीं।