दिल्ली पुलिस के मध्य जिले ने पांच अक्टूबर को जारी विज्ञप्ति में बताया कि शादीपुर मेट्रो स्टेशन के पास नौकरी दिलाने वाले दो संदिग्ध फर्जी कॉल सेंटर पर छापों के दौरान 11 लोगों को पकड़ा गया। एक केंद्र से छह और दूसरे से पांच लोग पकड़े गए। विज्ञप्ति में जांच-पड़ताल और पूछताछ का उल्लेख है; सभी 11 लोगों की औपचारिक गिरफ्तारी या अदालत से रिमांड मंजूर होने की पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस का आरोप है कि फोन करने वाले लोग नौकरी का प्रस्ताव देकर पंजीकरण या प्रक्रिया शुल्क मांगते थे। अलग-अलग रकम में ₹1,200, ₹1,400 और ₹3,500 शामिल थे। विज्ञप्ति के अनुसार, बाद में नौकरी दिए बिना आवेदकों से संपर्क बंद कर दिया जाता था। इन आरोपों की जांच जारी है।
पुलिस ने 13 कंप्यूटर सिस्टम, पांच मोबाइल फोन तथा भर्ती से जुड़े डेटा, बातचीत और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड जब्त करने की जानकारी दी है। रंजीत नगर थाने में मामला दर्ज किया गया है। जांचकर्ता इन केंद्रों के संचालकों, आवेदकों के डेटा के स्रोत और पैसों के लेनदेन का पता लगा रहे हैं।
मूल विज्ञप्ति में सूचना मिलने या विकसित होने की तारीख तीन अक्टूबर दी गई है, लेकिन छापों और लोगों को पकड़े जाने की अलग तारीख नहीं बताई गई। इसलिए यह खबर पांच अक्टूबर को जारी जानकारी पर केंद्रित है। आईएएनएस ने भी सोमवार को मामला रिपोर्ट किया। देखी गई सामग्री में पकड़े गए लोगों का जवाब या अदालत का कोई निष्कर्ष शामिल नहीं था।
